Skip to main content

Types of load , Point Load , UDL , UVL , SFD , BMD , Point of Contraflexure


Types Of Loading:-

1.Point Load ( बिन्दु भार ):-

वह लोड जो किसी Structure के एक बिन्दु पर लगता हो उसे Point Load कहते है |


2.Uniformaly Distributed Load:-

वह लोड जो Structure के पूरे लंबाई या आंशिक लंबाई पर समान रूप से विपरीत हो उसे UDL कहते है |


3.Uniformly Varying Load:-

वह लोड जिसका मान एक समान रूप से जीरो से Maximum तक परिवर्तित होता हो उसे UVL कहते है।


4.Curved Load:-

वह लोड जिसका मान असमान रूप से बदलता हो उसे Curved Load कहते है |


5.Moving Load:-

वह लोड जिसकी स्थिति समय के साथ बदलती रहती हो उसे Moving लोड कहते है |


Shear Force ( कर्तन बल ):-

जब Beam पर Transverse Load लगाते है तो Beam के प्रत्येक Section पर एक Internal Reaction होता है जिसकी प्रवृत्ति Beam को काटने की होती है उसे ही Shear Force कहते है |




Bending Moment ( नमन आघूर्ण ):-

जब किसी Beam पर लोड लगाया जाता है तो उसके प्रत्येक Section पर ऐसा Internal Reaction उत्पन्न होता है जिसकी प्रवृत्ति हर जगह Beam को झुकाने की होती है इसी Internal Reaction को Bending Moment कहते है |

Shear Force Diagram ( SFD ) कर्तन बल आरेख :-

वह Diagram जो Beam की लंबाई के सापेक्ष Shear Force मे होने वाले परिवर्तन को दर्शाता हो उसे Shear Force Diagram कहते है |

Bending Moment Diagram ( BMD )नमन घूर्ण आरेख :-

वह Diagram जो Beam की लंबाई के सापेक्ष Bending Moment मे होने वाले परिवर्तन को दर्शाता हो उसे Bending Moment Diagram कहते है | 


Point of Contraflexure (नति परिवर्तन बिंदु ):-

वह बिंदु जहाँ Bending Moment अपना चिन्ह बदलता है अर्थात Neg(-) से possitive हो जाता है उसे Point of Contraflexure कहते है। Point of Contraflexure पर Bending Moment ज़ीरो होता है | 



Comments

Popular posts from this blog

विकृति और उसके प्रकार

What is Strain ? Types of Strain  Longitudinal Strain किसे कहते है ?  Volumetric Strain किसे कहते है ? Shear Strain किसे कहते है ? Strain( विकृति):-   किसी वस्तु पर विरूपक बल लगाने पर उसमे होने वाले भिन्नात्मक परिवर्तन को विकृति कहते है | Strain( विकृति) = Change in Dimension / Actual Dimension Types of Strain (विकृति के प्रकार):- 1. अनुदैर्ध्य विकृति ( Longitudinal Strain ) 2.आयतन विकृति ( Volumetric Strain ) 3.कर्तन विकृति (Shear Strain ) 1.अनुदैर्ध्य विकृति :- जब किसी वस्तु पर बाह्य बल अर्थात विरुपक बल आरोपित किया जाता है तो वस्तु के लंबाई मे परिवर्तन और वास्तविक लंबाई के अनुपात को अनुदैर्ध्य विकृति कहते है | Longitudinal Strain = Change in Length (∆L)/ Actual Length (L) 2.आयतन विकृति:- जब किसी वस्तु पर बाह्य बल अर्थात विरुपक बल आरोपित किया जाता है तो वस्तु के आयतन मे परिवर्तन और प्रारंभिक आयतन के अनुपात को आयतन विकृति कहते है | Volumetric Strain = Change in Volume (∆V)/ Actual Volume (V) 3.कर्तन विकृति :- जब किसी वस्तु के सतह ...

Pure Bending या Simple Bending (शुध्द नमन), Nutral Axis (उदासीन अक्ष ) , Assumptions In Theory Of Simple Bending (शुध्द नमन के सिद्धांत के पूर्वानुमान) , Moment Of Resistance (प्रतिरोधी घूर्णन) , Bending Stresses In Beams

Pure Bending या Simple Bending (शुध्द नमन) Nutral Axis (उदासीन अक्ष )  Assumptions In Theory Of Simple Bending (शुध्द नमन के सिद्धांत के पूर्वानुमान) Moment Of Resistance (प्रतिरोधी घूर्णन)   Bending Stresses In Beams                    धरनो मे नमन प्रतिबल Pure Bending या Simple Bending (शुध्द नमन) :- जब धरन पर लोड लगाने पर Shear Force का मान शून्य हो अर्थात धरन पर सिर्फ Bending Moment ही लगता हो तो इस स्थिति मे Beam के झुकाव को Pure Bending कहते है | NOTE :- यदि धरन पर Bending Moment के साथ-साथ Shear Force भी लगता हो तो उसे Impure Bending या Non Uniform Bending कहते है | Nutral Axis (उदासीन अक्ष ) :- जब बीम पर Pure Bending लगाया जाता है तो उसका कुछ हिस्सा Comperession मे तथा कुछ हिस्सा Tension मे होता है | Beam के Extream Fiber पर Tension और Compression का मान सबसे ज्यादा होता है | Beam के मध्य मे एक ऐसा Layer होता है जो न तो Tension और न ही Compression मे होता है इ...